
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ : पैनखंडा महोत्सव के 5वें दिन रेशमा शाह के “ले भूजी जाला ये चूड़ा और दरवान नैथवाल की स्याली डोलमां गीतों पर खूब थिरके दर्शक।
सूबे की प्रथम सरहदी सीमांत नगर ज्योतिर्मठ में आयोजित पैनखंडा महोत्सव की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय लोकसंस्कृति,परम्परा,गढ़वाली,जौनसारी, कुमाऊनी, हिमाचली गीत संगीत नाटी और सांस्कृतिक विविधता का एक मंच पर संगम नजर आया। जिसमें उर्गम घाटी की गढ़वाली रामलीला का स्वयंबर लीला का सजीव मंचन, रवाई जौनसार क्षेत्र की लोक गायिका पद्म श्री रेशमा शाह और स्थानीय लोक गायक दरवान नैथवाल के पहाड़ी लोकगीतों रांसो,तांदी, हारूल नृत्य की धूम रही लोक गायक दरवान नैथवाल के लोक प्रिय गीत डोलमां स्याली , श्याम सिंह पटवारी और रेशमा शाह के”ले भूजी जाला रे चूड़ा” और पांडव जागर, महासू देव की आराधना के साथ पहाड़ी नाटी पर जम कर थिरके ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी और तमाम अतिथिगण। नगर में कड़ाके को सर्द हवाओं के बीच लोग अपनी अपनी फरमाइश के गीतों का लुत्फ उठाते नजर आए।

