ज्योतिर्मठ : हिमालई गिद्धों और स्टेपी ईगल की अच्छी साइटिंग से वन विभाग और पक्षी प्रेमियों ने जताई खुशी

Team PahadRaftar

ज्योतिर्मठ से लेकर धौली गंगा घाटी तक हिमालई गिद्धों और स्टेपी ईगल की अच्छी साइटिंग से वन विभाग और पक्षी प्रेमियों ने जताई खुशी, पक्षी जैव विविधता और क्षेत्र की पारिस्थितिकी के शुभ संकेत

पहाड़ रफ़्तार टीम 

दुर्लभ प्रजाति के प्रवासी पक्षी स्टेपी ईगल का झुंड बना बर्ड वाचरों का आकर्षण केंद्र। नीति घाटी के तमक क्षेत्र,मलारी में भी नजर आए डेढ़ दर्जन हिमालई गिद्धों का बड़ा झुंड। करीब 20 स्टेपी ईगल हुए पक्षी अवलोकन के दौरान ऑब्जर्व
नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के बफर जोन जोगी धारा कंपार्टमेंट चुंगी धार क्षेत्र से लेकर सुनील औली क्षेत्र में इन दिनों दुर्लभ प्रजाति के शीतकालीन आगंतुक प्रवासी पक्षी स्टेपी ईगल के साथ साथ अब सिनोरियस वल्चर, हिमालयन ग्रिफिन की काफी अच्छी आमद नजर आ रही है।

जोगी धारा क्षेत्र में जहां करीब 20 से अधिक दुर्लभ प्रजाति के स्टेपी ईगल बर्ड वाचिंग के दौरान ओवजर्ब किए गए हैं, वहीं हिमालई गिद्धों और सिनोरियस गिद्धों की भी आमद दर्ज हुई है। यही नहीं धोली गंगा घाटी के तमक क्षेत्र में भी इस बार हिमालयन ग्रिफिन अच्छी तादात में नजर आ रहे हैं। जिसको लेकर पक्षी विशेषज्ञों से लेकर वन विभाग के अधिकारी भी खुश हैं। क्षेत्र के नेचर एक्सपर्ट संजय कुंवर का कहना है कि जोगी धारा बर्ड वाचिंग साईट में इन दिनों कजाकिस्तान के नेशनल बर्ड स्टेपी ईगल की अच्छी साइटिंग हो रही है ये शिकारी पक्षी IUCN की रेड डेटा बुक में भी इंडेनजर्ड प्रजाति के रूप में दर्ज है।

वहीं करीब डेढ़ दर्जन स्टेपी ईगल आज ही यहां पक्षी अवलोकन के दौरान नजर आए हैं जो छेत्र की पारिस्थितिकी तंत्र और पक्षी जैव विविधता के लिए शुभ संकेत है। इसके साथ ही यहां सिनोरियस वल्चर, हिमालयन ग्रिफिन और इजिप्ट वल्चर, बोनली ईगल, की भी बर्ड वाचरों को अच्छी साइटिंग नजर आ रही है,नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क की वन क्षेत्र अधिकारी चेतना काण्डपाल ने भी इस दुर्लभ पक्षी को जोगी धारा क्षेत्र में इसे अपने कैमरे में कैद किया है। उनका भी यही कहना है कि ये पक्षी उन्होंने पहली बार इस साईट पर देखा है। बता दें कि जोगी धारा डंपिंग जॉन के आसपास इन्हें पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध है लिहाजा इस दुर्लभ प्रजाति के स्टेपी ईगल शिकारी पक्षी सहित अन्य प्रजातियों के गिद्धों और ईगल ने इन दिनों यहां अपना डेरा जमाया हुआ है।

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