
ज्योतिर्मठ : महिला सम्मेलन में गूंजा नारी सशक्तिकरण का संदेश संस्कार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ संपन्न हुआ आयोजन
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ : विद्या भारती से संबंधित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर,ज्योतिर्मठ में रविवार को महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में समाज में महिलाओं की भूमिका, शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां सरस्वती के समुख दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने पारंपरिक विधि से अतिथियों का स्वागत तिलक और साल भेंट कर किया। आयोजन समिति की सदस्य श्रीमती चंद्रकला परमार ने स्वागत भाषण में कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण और राष्ट्रभावना को विकसित करने का कार्य कर रही है।
मुख्य अतिथि श्रीमती प्रियंका देवसाली प्रधानाचार्य आदर्श विद्या मंदिर ज्योर्तिमठ ने अपने संबोधन में कहा कि नारी समाज की प्रथम शिक्षिका और संस्कृति की संवाहक है। उन्होंने कहा कि शिक्षित, आत्मनिर्भर और संस्कारित नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को “शक्ति स्वरूपा” कहा गया है, क्योंकि वह परिवार और समाज दोनों को दिशा प्रदान करती है।
वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सरोजनी नौटियाल ने की। उन्होंने कहा कि नारी जब संस्कार और सेवा का संगम बनती है, तब राष्ट्र सशक्त होता है। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे वास्तविक जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। महिलाओं को शिक्षा और संस्कारों के साथ समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने इस आयोजन को प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वीरा फर्स्वाण सुनीता शाह, उपस्तिथि रहे इस अवसर पर आशा देवी किशोरी देवी दीपा देवी दुर्गा देवी रेखा देवी सरला देवी को समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष प्रकार के उपलब्ध के लिए सम्मानित किया गया कार्यक्रम में सम्मानित किया गया मातृशक्ति के सदस्य सलोनी, करिश्मा, संगीता नेगी तथा दीपा पंवार आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती आरती नेगी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती करिश्मा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं , मातृशक्ति और स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं। समापन पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं में आत्मविश्वास, राष्ट्र भावना और सामाजिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि संस्कार युक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर नारी ही सशक्त भारत की पहचान है। संपूर्ण संपूर्ण महिलाओं द्वारा ही संपन्न किया गया और अंत में जलपान कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

