ज्योर्तिमठ : भविष्य बदरी के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खुले, ग्रामीणों ने नया अनाज गेहूं किए अर्पित

Team PahadRaftar

भविष्य बदरी धाम : पंच बदरी में एक भविष्य बदरी धाम के कपाट भी खुले,ग्रामीणों ने गेहूं, जौ की बालियां अर्पित कर मांगी सुख – समृद्धि की कामना

संजय कुंवर,भविष्य बदरी धाम

उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट खुलने के साथ-साथ भगवान श्री हरि नारायण प्रभु को समर्पित पंच बदरी धामों में एक प्रमुख भविष्य बदरी धाम सुभाई के कपाट भी आज 4 मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के मुहूर्त पर ब्रह्म मुहूर्त में मुख्य पुजारी संजय डिमरी की अगुवाई में सुभाई गांव के ग्रामीणों की मौजूदगी में आज प्रातः काल ठीक 6 बजे विधि विधान पूर्वक खोल दिए गए हैं। इस अवसर पर सुभाई भविष्य बदरी गांव के ग्रामीणों ने भगवान श्री भविष्य बदरी को वैशाख मास की फसल गेहूं और जौ की बालियां अर्पित की।

ज्योतिर्मठ प्रखंड के सुरम्य घाटी सुभाई गांव में स्थित आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित भविष्य बदरी मंदिर के श्री द्वार भी बदरी नाथ धाम के कपाट खुलने के मुहूर्त पर खोले जाते हैं और बदरी विशाल के कपाट बंद होने की तिथि पर ही यहां के श्री कपाट बंद होते है। भविष्य बदरी धाम के मुख्य पुजारी पंडित संजय डिमरी की अगुवाई में आज सुबह वेद मंत्रोच्चार के साथ 6 माह ग्रीष्मकाल के लिए भगवान श्री भविष्य बदरी धाम के श्री कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। इस मंदिर से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर सिंह ने बताया की आज की दिन सुभाई गांव में उत्सव का माहौल होता है। ग्रामीण मांगलिक गीतों के साथ अपने अपने घरों से वैशाख माह के अनाज गेहूं जौ की हरि बालियों को अपने आराध्य देव श्री हरि विष्णु भगवान को अर्पित करने भगवान श्री भविष्य बदरी मन्दिर पहुंचे और भविष्य बदरी मंदिर के कपाट खुलने के बाद का पहला दिव्य दर्शन करते हैं। श्री हरि नारायण प्रभु को स्थानीय मोटे अनाजों और उत्पादों से बना प्रसाद और हरियाली भी भेंट कर गांव की सुख समृद्धि और खुशहाली की मनौती मांगते हैं। कपाट खुलने के बाद अब श्री भविष्य बदरी धाम की 6 माह की नित्य दैनिक पूजाओं का दायित्व भी श्री बदरी नाथ धाम की तरह बीकेटीसी की ओर से पुजारी संजय डिमरी निभाएंगे। उन्होंने बताया की बदरीनाथ धाम की परम्परा की तरह ही सभी अभिषेक पूजा-अर्चना यहां भी संपादित होती है। चारधाम यात्रा पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालु इस पंच बदरी धाम में दर्शनों का पुण्य लाभ अर्जित करने बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, वर्तमान में ज्योर्तिमठ से सुभाई गांव तक सड़क संपर्क मार्ग दूरस्त होने के कारण अब आसानी से तीर्थ यात्रियों को भविष्य बदरी धाम के दर्शन हो रहे हैं।

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