
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ : छोटी दीपावली पर सीमांत क्षेत्र में गौ माता की पूजा कर गौ पीना व पकवान खिलाया गया।
सूबे के सीमांत छेत्र ज्योतिर्मठ में दीपावली पर्व पर दो दिनों तक प्रत्येक घरों में देवी-देवताओं के पूजन के साथ-साथ त्योहार के लिए विभिन्न पकवान पूरी, पकौड़ी का प्रसाद बनाया जाता है तो वहीं पहाड़ों में गौ वंश पूजन की परंपरा है जो आज भी अनवरत जारी है। इसी परम्परा का निर्वाहन करते हुए आज के दिन प्रातः काल में प्रत्येक गांव में ग्रामीणों की गौशाला में घंटियों की गूंज सुनाई देती है। परिवार के मुखिया सहित परिवार के सभी छोटे – बड़े सदस्य अपने गौ वंश की विशेष पूजा में शामिल होते हैं। जिसमें गौ माता सहित, बैल ओर छोटे बछिया आदि को विधि विधान से पूजा – अर्चना करते हुए उनके गले में पुष्प माला डाल कर उन्हें पारंपरिक मोटे अनाजों से निर्मित विशेष भोग अर्पित किया जाता है और गौ वंश से आशीर्वाद लिया जाता है। पूरे सीमांत छेत्र के प्रत्येक गांव में आज गौ पूजन उत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया है।

