
संजय कुंवर
जोशीमठ : हेमकुंड साहिब यात्रा पथ का जायजा लेने गई टीम रैकी कर लौटी वापस, बर्फ हटाने के लिए सेना के जवान आज पहुंचेंगे गोविंदघाट। 25 मई को खुलेंगे धाम के कपाट।
हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित एक प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल है। यह हिमालय में 4632 मीटर (15,200 फीट) की ऊंचाई पर बर्फ की एक झील के किनारे सात पहाड़ों के बीच स्थित है. यह दुनिया के सबसे ऊंचे गुरुद्वारों में से एक है.
उत्तराखंड की उच्च हिमालई लोकपाल घाटी में पवित्र सप्त श्रृंग हिम शिखरों की गोद में स्थित धाम श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा तैयारियों को लेकर गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट कमेटी की एक विशेष रैकी टीम सेना के जवानों के साथ गोविंद धाम घांघरिया से लेकर श्री हेमकुंड साहिब तक यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सकुशल गोविंदघाट लौट आई है। आप भी श्री हेमकुंड साहिब से आई ये तस्वीरों को देख सकते हैं, गुरु धाम में अभी भी 5 फिट से ज्यादा बर्फ मौजूद है और हेमकुंड साहिब परिसर से लेकर अमृत कुंड सरोवर तक का मार्ग बर्फ से ढका हुआ नजर आ रहा है चारों ओर बर्फ की सफेद चादर नजर आ रही है। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट इस बार 25 मई को खोले जाएंगे और जल्द इस आस्था पथ पर पसरी बर्फ को हटाने का काम शुरू हो जाएगा। गुरुद्वारा श्री गोविंदघाट के सीनियर मैनेजर सरदार सेवा सिंह ने बताया कि सेना के जवानों के साथ हमारे गुरुद्वारा के सेवादार भी श्री हेमकुंड साहिब के आस्था पथ पर निरीक्षण के लिए गए हैं। जो अब वापस लौट आए है, सरदार सेवा सिंह ने बताया कि अब जल्द ही हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर सभी तरह की व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी। इस बार घांघरिया से आगे छह किमी आस्था पथ पर अभी बर्फ जमी हुई है। हेमकुंड साहिब में भी 5 फिट बर्फ मोजूद है, जल्द आस्था पथ से बर्फ हटाने का कार्य भी शुरू हो जाएगा।

