
संजय कुंवर
जोशीमठ : पाताल गंगा – गणाई – दाड़मी गांव के ग्रामीणों का सड़क के लिए दो दशक का संघर्ष हुआ पूरा, सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया और लोग खुशी से झूमने लगे।
दो दशक से सड़क की मांग कर रहे सीमांत प्रखंड ज्योतिर्मठ के पाताल गंगा घाटी के दूरस्थ गांव गणाई दाडमी के ग्रामीणों की सड़क की आस अब जगने लगी है, इस क्षेत्र के लोगों की मन की मुराद भी आखिर कार पूरी हो गई है। पाताल गंगा – गणाईं मोटर मार्ग पर जियोलॉजिस्ट की नई सकारात्मक रिपोर्ट आने के बाद आखिरकार इस सड़क निर्माण कार्य का सोमवार को शिलान्यास जेसीबी मशीन पूजन और रिबन काटने के साथ श्री गणेश हो गया है। प्रथम चरण के सड़क निर्माण कार्य शिलान्यास का आज विधिवत पूजन के साथ आगाज हो गया। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप फरस्वाण ने खुशी जताते हुए बताया है कि हमारे गणाई दाड़मी क्षेत्र के लोगो का सड़क का सपना आज पूरा हुआ है।
दरअसल आज खुशनुमा माहौल के बीच लोक निर्माण विभाग के इस 6 किलोमीटर के बहू चर्चित पाताल गंगा गणाई – दाड़मी मोटर मार्ग निर्माण कार्य के प्रथम चरण का उद्घाटन श्री मति कांता सती प्रशासक, सीमा देवी निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य, और महिला मंगल दल अध्यक्ष विमला देवी ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रिबन काट कर किया। इस मौके पर दाडमी घाटी से पाताल गंगा पहुंचे ग्रामीणों और महिलाओ के अपार जन समूह ने सड़क निर्माण शिलान्यास कार्य शुरू होने की खुशी जताते हुए एक दूसरे को बधाई के साथ मिष्ठान वितरण कर खूब जश्न मनाया, आप देख सकते है कि ग्रामीणों के चेहरे पर सड़क निर्माण कार्य शुरू होने की खुशी किस कदर झलक रही है और होगी भी आखिर लंबे संघर्ष के बाद ही आज ये दिन उन्होंने देखा है, बता दें की इस चर्चित मोटर मार्ग के लिए इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने दो दशक का लंबा संघर्ष किया है, और कई बार शासन प्रशासन से आमने सामने की तकरार के साथ चुनाव बहिष्कार तक किया है, करीब ढ़ाई हजार की आबादी को इस सड़क निर्माण के बाद आज जगी है कि उनके गांव के भी दिन अब जरूर बहुरेंगे, दरअसल इस पाताल गंगा गणाई सड़क को लेकर कई बार भूगर्भीय सर्वे हो चुकी थी लेकिन हर बार मामला ठंडा हो जाता रहा। आपदा के लिहाज से इस अति संवेदन शील छेत्र में सड़क सड़क निर्माण कार्य लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रहा लेकिन अब सड़क निर्माण कार्य का प्रथम चरण का कार्य शिलान्यास शुरू होने पर करीब 2500 को जन संख्या वाला यह दाड़मी घाटी आज़ादी के बाद अब जल्द सड़क से जुड़ेगा, घाटी की कीमती नगदी फसलों को भी विपणन की सुविधा मिल सकेगी और क्षेत्र से पलायन भी रुकेगा।

