
संजय कुंवर
गोविंदघाट : विश्व धरोहर फूलों की घाटी देशी – विदेशी पर्यटकों से हुआ गुलजार, अब तक 3295 देशी और 53 विदेशी प्रकृति प्रेमियों ने किया घाटी का दीदार।
उत्तराखंड के चमोली जनपद की उच्च हिमालई भ्यूंडार वैली में स्थित यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क इन दिनों अपने दुर्लभ प्रजातियों के अल्पाइन पुष्पों की महक के साथ-साथ देशी विदेशी प्रकृति प्रेमी पर्यटकों की आमद से गुलजार है। ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पति विज्ञानी फ्रैंक एस स्मिथ द्वारा अपने कॉमेंट पर्वतारोहण अभियान के दौरान खोजी इस वैली के दीदार के लिए प्रति वर्ष हजारों की संख्या में देशी – विदेशी सैलानियों की भीड़ इस फूलों की घाटी का रुख करती है। यहां करीब 350 से अधिक प्रजाति के अपलाइन पुष्पों की दुर्लभ प्रजातियां अपने प्राकृतिक आवास में खिलती है। इन दिनों वैली रंग – बिरंगे पुष्पों से महक रही है। खासकर सफेद प्रीमुला और गुलाबी रिवर ब्यूटी पुष्प एप्लोबियम पुष्पों की महक बिखेरे हुए नजर आ रही है। वैली में खुशनुमा मौसम के बीच आज भी भारतीय प्रकृति प्रेमी पर्यटकों के साथ ही 19 रशियन 7लतवानियां राष्ट्र के पर्यटकों सहित अन्य पर्यटक दल ने वैली की प्राकृतिक सुन्दरता और पुष्पों की जैव विविधता का लुत्फ उठाया है। वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज ऑफिसर चेतना काण्डपाल ने बताया कि घाटी में एक जून से लेकर अब तक करीब 3428 पर्यटक पहुंचे हैं जिनमें से 53 विदेशी पर्यटक है और 3295 भारतीय पर्यटक हैं। इनमें से 80 भारतीय पर्यटक ऑनलाइन परमिट बुकिंग कर चुके हैं तो 1 विदेशी पर्यटक ने भी ऑनलाइन परमिट बुक कर वैली की सैर की है। बात अगर इनकम की करें तो अबतक ऑनलाइन परमिट बुकिंग से पार्क प्रशासन को करीब 16 हजार 200 रुपए की आय हुए है तो ऑफ लाइन से 666650 रुपए का राजस्व हासिल हुआ है।

