
हेमकुंड साहिब यात्रा पथ पर नंदानगर बांजबगड के युवक मनोज के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने पर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई हुए आक्रोशित नंदानगर के ग्रामीणों ने पुलिस मुख्यालय का घेराव कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
गोपेश्वर : हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग के घांघरिया से लापता चल रहे नंदानगर ब्लाक के बांजबगड निवासी मनोज सिंह बिष्ट का शव मिलने के बाद हत्या की आशंका को लेकर सोमवार क्षेत्रीय ग्रामीणों को गोपेश्वर में जोरदार प्रदर्शन कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि इस मामले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बल को प्रभावित क्षेत्र को रवाना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर दी जाएगी। इसके बावजूद ग्रामीण गोपेश्वर में धरने में जमे रहे।

बताते चले कि बांजबगड निवासी मनोज बिष्ट के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी थी कि 29 जून से मनोज घांघरिया से लापता चल रहा है। वह घोडे, खच्चरों के जरिए अपना रोजगार चला रहा था। मनोज बिष्ट का अपने मालिक पुलना गांव निवासी देवेंद्र चौहान के साथ लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों थाना गोविंदघाट भी गए थे। पुलिस के सामने समझौता भी हो गया था। परिजनों ने बताया कि 5 जुलाई तक मनोज के फोन पर घंटी जा रही थी। फोन रिसीव भी नहीं हो रहा था। 5 जुलाई के बाद फोन स्विच आफ हो गया। परिजनों ने इस मामले में मनोज के साथ अनहोनी की आशंका जताई थी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार से भी परिजनों ने मुलाकात की थी और लापता चल रहे मनोज की ढूंढ खोज की मांग की थी। रविवार को मनोज का शव घांघरिया के जंगल में पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने मनोज की हत्या की आशंका जताई है। पुलिस शव को कब्जे में लिया और सोमवार को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में शव का पोस्टमार्टम भी कर दिया गया।
सोमवार को मनोज की हत्या आशंका को लेकर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नंदानगर क्षेत्र के लोगों का हुजूम जिला मुख्यालय गोपेश्वर उमड़ पड़ा। ग्रामीण जिला चिकित्सालय स्थित मोर्चरी में पहुंचे और वहीं पर नारेबाजी तथा प्रदर्शन के बीच धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी हो। इसके चलते जिला मुख्यालय गोपेश्वर में दिन भर मनोज की हत्या का मामला गूंजा रहा। आक्रोशित ग्रामीण जिला चिकित्सालय से जुलूस प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। कलेक्ट्रेट में भी मनोज के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच ग्रामीण धरने पर बैठ गए। इसके बाद जिलाधिकारी संदीप तिवारी को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बांजबगड निवासी सुरेंद्र सिंह के बेटे मनोज सिंह की मौत के पीछे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच निष्पक्ष ढंग से की जानी चाहिए। उन्होंने 29 जून की घटना में शामिल देवेंद्र सिंह चौहान समेत सभी संदिग्धों को गिरफ्तार करने का आग्रह किया। शव परीक्षण पोस्टमार्टम का एक पैनल तैयार कर रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की। इस पूरे मामले की हत्या के दृष्टिकोण से विवेचना की जानी चाहिए। कहा कि यह हत्या का मामला बनता है इसलिए इस मामले में परिजनों को न्याय दिया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने भी ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार से मिले और उन्हें भी ज्ञापन सौंप कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। एसपी पंवार ने बताया कि पुलिस बल को प्रभावित क्षेत्र में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जाएगी।

