गौचर : पालिका क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट, जिम्मेदार विभाग लापरवाह, आक्रोश

Team PahadRaftar

केएस असवाल 

पालिका क्षेत्र के लिए करोड़ों की पेयजल योजनाएं संचालित होने के बाद भी क्षेत्रवासी पिछले कई दिनों से गंभीर पेयजल संकट से गुजर रहे।

पालिका क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति करने के लिए प्राकृतिक जल श्रोतों के अलावा रीवर बैंक फिल्टरेशन योजना के तहत करोड़ों की लागत से पेयजल लिफ्ट पंप योजना का निर्माण भी किया गया है। इसके बाद भी क्षेत्र वासियों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि गर्मियों में जल श्रोतों पर पानी की मात्रा कम तो बरसात में पाइप लाइनों के टूटने का बहाना बनाया जाता है। पेयजल लिफ्ट पंप का खराब होना आम बात हो गई है। लेकिन जल संस्थान इसका ठीकरा विद्युत विभाग के सिर यह कहकर फोड़ देता है कि विद्युत आपूर्ति हर समय खराब होने से यह नौबत आ रही है। जबकि हकीकत तो यह है कि पंपों को चलाने के लिए जरनेटर भी लगाए गए हैं। अब तो नौबत ऐसी आ गई है कि दो दिन से क्षेत्रवासी बूंद – बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। बरसात के दिनों में अगर नलों पर पानी आ जाए तो गन्दा होने की वजह से पीने लायक नहीं होता है। विभाग की लापरवाही का खामियाजा जनता को मीलों दूर प्राकृतिक जल श्रोतों से पानी ढोकर भुगतना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार पेयजल लिफ्ट पंप योजना पिछले कई दिनों से खराब चल रही है। लेकिन कारण जो भी हो आज तक जल संस्थान इन मोटरों को ठीक नहीं करा पाया है। जल संस्थान के अवर अभियंता आइषा कनवासी का कहना है गधेरे की पाइप लाइन टूट गई थी। उसे ठीक कर लिया गया है। लिफ्ट पंप ठीक करने के लिए मैकेनिक बुला लिया गया है। उसके शाम तक पहुंचने की उम्मीद है। इधर पंपों का जिम्मा संभाले अवर अभियंता नेगी का कहना कि मोटरें पुरानी हो गई हैं नई मोटरें मंगाई गई हैं। फिलहाल मेरठ से मैकेनिक बुला लिया गया है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार से बात करने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया है। व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल संकट गहराना आम बात हो गई है इसकी जांच की जानी चाहिए।

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