
केएस असवाल
गौचर : क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से सड़कों के साथ ही सरकारी व गैर-सरकारी संपतियों को भारी नुक्सान पहुंचा है। करोड़ों की लागत से बना राजकीय पालीटेक्निक के आगे भूस्खलन होने से भवन खतरे की जद में आ गया है।
पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शनिवार रात को हुई बारिश से राजकीय पालीटेक्निक गौचर के भवन के आगे भूस्खलन से विद्यालय भवन खतरे की जद में आ गया है। विद्यालय भवन के नीचे पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष धूमीलाल के आवासीय भवन के पिछले हिस्से में मलवा भरने से उनके भवन को भी खतरा पैदा हो गया है। इस भवन में रह रहे लोगों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग व आर डब्लू डी के इंजिनियरों ने भूस्खलन क्षेत्र का मौका मुआयना कर शासन को इसकी सूचना भेज दी है। कमेड़ा का भूस्खलन क्षेत्र भी नासूर बन गया है। पिछले कुछ दिनों से गलनांऊ में नया भूस्खलन क्षेत्र विकसित होने से क्षेत्र वासियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। इन जगहों पर बारिश में सड़क मार्ग बंद होना आम बात हो गई है। पालीटेक्निक क्षेत्र में हुए भूस्खलन को रेलवे लाइन की भूमिगत टनल की खुदाई का असर माना जा रहा है।

पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य राजकुमार का कहना है दो साल पहले ही रेल निर्माण निगम को बता दिया गया था। लेकिन किसी ने उनकी बातों पर गौर नहीं किया है। क्वींठी कांडा मोटर मार्ग भी बंद हो गया है। पेयजल की लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में पेयजल संकट भी गहरा गया है। पालिकाध्यक्ष संदीप नेगी ने वार्ड सभासद बंदना राणा के साथ क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया।

