
केएस असवाल
गौचर : सात दिनों के हवन पूजन के सा बृहस्पतिवार को देवराड़ी देवी की बन्याथ यात्रा पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया है। इसके साथ ही विधि विधान से देवी को मूल मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है।

सिदोली क्षेत्र के दर्जनों गांवों की आराध्य देवराड़ी देवी का मूल मंदिर देवल गांव में है। पिछले चार दिसंबर को को क्षेत्रवासी अपनी आराध्य देवी को छह माह की बन्याथ यात्रा पर ले गए थे। इस यात्रा के दौरान देवी को छह माह तक जनपद रूद्रप्रयाग व चमोली के सेंकड़ों गांवों का भ्रमण करवाया गया। अपनी छह माह की यात्रा के अंतिम दिनों में 28 मई को देवी का अपने मूल मंदिर परिसर में पदार्पण हुआ था। इन सात दिनों में को खेत में रखकर विधिवत पूजा हवन करने के बाद बृहस्पतिवार को पूर्णाहुति के बाद देवी को मूल मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा।

