
गौचर में विराट हिन्दू सम्मेलन में सामाजिक समरसता और एकता पर जोर
केएस असवाल
गौचर : गौचर के विशाल मैदान पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सामाजिक समरसता और एकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया। गौचर मेला सांस्कृतिक मंच पर आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में हिन्दू समाज की प्रमुख आवश्यकता सामाजिक समरसता और एकता है,जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में आवश्यक रूप से उतार कर देश काल की परिस्थितियों के अनुसार अपने को राष्ट हित में तैयार रखना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि हिन्दू धर्म की मूल विशेषताओं को समझना व अपनाना आवश्यक है। कहा कि एकता ही समाज की ताकत है। जिससे हम किसी भी प्रकार की परिस्थितियों का सामना कर सकते है। ओर समाज में व्याप्त विसंगतियों को समाप्त किया जा सकता है।कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर व विद्या मंदिर के स्कूली बच्चों द्वारा देव स्तुतियों व पहाड़ी संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दी। साथ ही इस दौरान भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई।
इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ की राज्य सह प्रभारी लक्ष्मी शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली आकाश सारस्वत,कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में सभी हिंदुओं को संगठित होने का आह्वान किया। उनका कहना था कि हिंदू संगठन रहेंगे तभी हमारी संस्कृति जीवित रहेगी। यह विचारधारा हम सभी में होनी आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन जीत सिंह बुटोला ने किया।
इस अवसर पर विनीत रावत, विष्णु दत्त भट्ट, जिला कार्य वाहक चिंतामणि सेमवाल, विभाग कार्यवाह मुकेश जी,नगर कार्य कार्यवाह मदन चौधरी,नगर बौद्धिक प्रमुख जगदंबा प्रसाद,नगर संघचालक सुरेंद्र कनवासी, चैतन्य बिष्ट, अनिल नेगी, प्रकाश गौड़, नवीन टाकुली, भगवती प्रसाद खंडूड़ी, कैलाश केडियाल आदि बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
