
जनजातीय उप योजना के अंतर्गत बिरही में दो – दिवसीय शिविर में मशरूम उत्पादन और जैविक खाद बनाने का दिया गया प्रशिक्षण
संजय कुंवर
चमोली : पंतनगर विश्वविद्यालय के अधीन संचालित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा वित पोषित जनजातीय उप योजना के अंतर्गत मशरूम उत्पादन और इसके मूल्य वर्धित उत्पादों तथा उनके विपणन और उद्यमिता विकास के माध्यम से जनजातीय समुदाय का सशक्तिकरण हेतु जनपद में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में गांव बिरही चमोली में 24 – 25 मई को विशेष ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया गया। यह परियोजना डॉ०शवेता चौधरी के नेतृत्व में चल रही है। इस कार्यक्रम के परियोजनाधिकारी, टी एस पी, समन्वयक, डा०एस०चौधरी एवं सह परियोजना अधिकारी टीएसपी उप समन्वयक, डॉ किरण राना थे। सुश्री हीना कौसर, एसएमएस, पौध संरक्षण के वीके, ग्वालदम एवं मास्टर टेनर श्रीमती सुमेधा भट्ट, शुभम बडोला, प्रगतिशील कृषक, काशीपुर ने मशरूम की खेती, खाद बनाना। प्रबंधन और मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाना बताया। डा एस चौधरी एवं डा. किरण राणा ने मशरूम के विपरण पैकेजिंग विचार स्टॉप स्टार्टअप समर्थन योजनाएं एवं मशरुम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

इस कार्यक्रम में प्रतिभा कर रहे किसानों को ऑस्टर मशरूम रेडीमेड बैग बटन मशरूम रेडीमेड बैग प्लास्टिक स्प्रे फॉर्मलीन एवं केमिकल आदि सामग्री वितरित किया इस कार्यक्रम में लगभग 30 महिला किसानों ने प्रतिभा किया। इस कार्यक्रम में महिला किसानों तथा परियोजनाधिकारी, डॉ श्वेता चौधरी, सहपरियोजना अधिकारी डॉ किरण राना,एस एम एस, पौध संरक्षण सुश्री हीना कौसर एवं समूण स्वायत्तता सहायता समूह की सचिव श्रीमती सुमेधा भट्ट , एवं प्रगतिशील कृषक, शुभम बडोला, भी उपस्थित थे।

