चमोली : फूलों की घाटी में स्नो लैपर्ड, कस्तूरी मृग, मोनाल सहित अन्य दुर्लभ वन्यजीव कैमरे में हुए कैद

Team PahadRaftar

संजय कुंवर 

चमोली : फूलों की घाटी में स्नो लैपर्ड, कस्तूरी मृग, मोनाल, लैपर्ड रैड फॉक्स सहित अन्य कई दुर्लभ वन्यजीवों की सक्रियता ट्रैक कैमरों में हुआ कैद। फूलों की घाटी का विशेष गश्त दल सकुशल लौटा वापस।

वन्य जीव संरक्षण और सुरक्षा के उद्वेश्य को लेकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चलाया गया छह दिवसीय विशेष शीतकालीन गश्त एवं ड्रोन सर्वे अभियान का सफलतापूर्वक हुआ समापन। नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी IFS अभिमन्यु ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्व पूर्ण अभियान में जहां गश्त टीम द्वारा
​जैव-विविधता एवं कैमरा ट्रैप परिणाम के तहत क्षेत्र में स्थापित कैमरा ट्रैप्स की जांच करने पर उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं। गश्त के दौरान निम्नलिखित दुर्लभ वन्यजीवों की सक्रियता कैमरे में कैद हुई हैं। हिम तेंदुआ (Snow Leopard), कस्तूरी मृग (Musk Deer), और राज्य पक्षी मोनाल। गुलदार (Common Leopard), लेपर्ड कैट, भालू, हिमालयन सेरो,हिमालयन थार, येलो थ्रोटेड मार्टन और रेड फॉक्स।

उन्होंने जून माह से घाटी में यात्रा सीज़न को लेकर पार्क प्रशासन की तैयारियों के बारे में बताया कि वैली में इस बार हम वृहद योजना बना रहे हैं। जिसके अंतर्गत व्याख्या केंद्र का नवीनीकरण करके बेहतर वैली की सैर करने आने वाले प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना,ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली ,रचनात्मक और विषयगत साइनबोर्ड लगाना और ईडीसी की क्षमता निर्माण और प्रचार-प्रसार पर जोर देना प्रमुख है।

दरअसल ​नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत विश्व प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी रेंज की टीम द्वारा उच्च हिमालयी क्षेत्रों की सुरक्षा और वन्यजीवों की निगरानी हेतु चलाया गया 06 दिवसीय सघन गश्त अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह अभियान मुख्य रूप से शीतकाल के दौरान अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वन्यजीवों के पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
​यह गश्ती दल गोविंदघाट रेंज कार्यालय से रवाना हुआ और पुलना, जंगल चट्टी, भ्यूंडार होकर टीम द्वारा घांघरिया और वर्ल्ड हेरिटेज साईट फूलों की घाटी के मुख्य क्षेत्रों का सघन भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। टीम ने भ्यूंडार घाटी के दुर्गम क्षेत्र सिमर टोली तक पहुंचकर किया निरीक्षण किया।

वहीं 06 दिनों का कार्य पूरा कर टीम सुरक्षित रेंज कार्यालय वापस पहुँची। इस अभियान में जहां गश्त टीम द्वारा
​जैव-विविधता एवं कैमरा ट्रैप परिणाम: के तहत क्षेत्र में स्थापित कैमरा ट्रैप्स की जांच करने पर उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

ड्रोन सर्वे एवं आधुनिक निगरानी

निरीक्षण के दौरान फूलों की घाटी, घांघरिया एवं भ्यूंडार क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण किया गया। ड्रोन द्वारा ली गई तस्वीरों और वीडियो के विश्लेषण से उन दुर्गम क्षेत्रों की भी निगरानी संभव हो पाई जहाँ मानवीय पहुंच कठिन है।
​संपूर्ण गश्त और ड्रोन सर्वे के दौरान पार्क क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध मानवीय गतिविधि (अतिक्रमण या शिकार) के साक्ष्य नहीं मिले हैं। गश्ती दल के सदस्य -जय प्रकाश अनुभाग अधिकारी, नरेंद्र सिंह वन वीट अधिकारी, मान सिंह वन आरक्षी, सुशील चौहान वन वीट अधिकारी, अरविंद सिंह वन आरक्षी, नागेंद्र सिंह वन वीट अधिकारी, प्रीतम सिंह वन आरक्षी, मनोज भट्ट वन आरक्षी, अजय सिंह रावत वन वीट अधिकारी 02 वनीकरण watcher अन्य पोर्टर मौजूद रहे।

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