सरकार की उदासीनता के चलते पर्यटन स्थल औली की नैसर्गिक मखमली बुग्याल की सुन्दर वादियां वीरान पड़ी है। जिससे चिंतित स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने औली को बचाने के लिए मुहिम शुरू कर दी है।
संजय कुंवर
चमोली : विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं शीतकालीन हिम क्रीड़ास्थल औली को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने छेड़ी मुहिम। बदहाल आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग मशीन को लेकर सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट का किया पुतला दहन।

बृहस्पतिवार को शीतकालीन पर्यटन एवं स्कीइंग क्रीड़ास्थल को अपनी पहचान लौटाने के लिए पर्यटन व्यवसायियों द्वारा सुरक्षित औली अभियान चलाया गया। सभी ने एक जुट होकर औली की दिशा और दशा सुधारने के लिए औली बचाओ अभियान चलाया गया। स्थानीय व्यवसायियों ने इस दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट का पुतला दहन किया। स्थानीय व्यवसायियों का साफ कहना है कि जब तक औली में करोड़ों रुपए की लगाई गई आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग मशीन बर्फ बनाने का काम शुरू नहीं करती तब तक औली में क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
औली के स्थानीय पर्यटन कारोबारी विवेक पंवार ने बताया कि जो औली कभी देश का गर्व हुआ करता था आज वही औली अपनी पहचान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। प्राकृतिक बर्फबारी नहीं होने पर आज विंटर डेस्टिनेशन औली में चारों ओर रेगिस्तान जैसी धूल भरी आंधी नजर आ रही है। कृत्रिम बर्फ बनाने वाली मशीनों में जंक लगा हुआ है। आइस स्केटिंग रिंक 6 सालों से सुनसान पड़ा है। सिस्टम आखिर क्यों मौन है ?अब यह सिर्फ पर्यटन का सवाल नहीं रहा बल्कि स्थानीय लोगों पर्यटन हित धारकों की रोजी रोटी आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का मुद्दा बन गया है। जरूरत अब ये है कि हमें प्रयास करते हुए औली को सिर्फ तस्वीरों में ही सुंदर नहीं दिखाना है हकीकत में भी सजाना संवारना होगा। इसी सोच को लेकर आज स्थानीय युवाओं और औली से आजीविका संवर्धन करने वाले सभी पर्यटन हित धारकों के साथ स्थानीय क्षेत्र की मातृ शक्तियों द्वारा एकजुट होकर विंटर डेस्टिनेशन औली में औली बचाओ मुहिम का आगाज किया गया है।
