
संजय कुंवर
चमोली : एनटीपीसी विष्णुगाड़ जल-विद्युत परियोजना जोशीमठ ने विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए किया मॉक ड्रिल अभ्यास।

मॉक ड्रिल एक अभ्यास है जिससे लोग किसी भी आपातकालीन स्थिति दुर्घटना, दैवीय आपदा, आग, भूकंप या हमला के लिए प्रतिक्रिया का अभ्यास करते हैं। इसके साथ ही अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयारी के स्तर का आंकलन करना, पारस्परिक समन्वय को सुदृढ़ करना तथा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत बनाना था। साथ ही इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग घबराने के बजाय वास्तविक जीवन की आपात स्थितियों में सुरक्षित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें। मॉक ड्रिल में सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, राज्य अग्निशमन विभाग, उत्तराखंड पुलिस, आइबी और एनटीपीसी विष्णुगाड़ जल-विद्युत परियोजना के अधिकारी कर्मचारी ने समन्वित होकर प्रतिभाग किया।

अभ्यास के दौरान बादल फटने एवं भू-धंसाव की एक काल्पनिक आपातकालीन स्थिति बैराज कॉम्प्लेक्स एवं सुरंग में तैयार की गई। जिसके माध्यम से रियल-टाइम संचार, त्वरित प्रतिक्रिया एवं संसाधन प्रबंधन, बचाव कार्य, अग्निशमन क्षमता, चिकित्सा सहायता तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल का परीक्षण किया गया। सभी प्रतिभागी एजेंसियों ने अपने-अपने दायित्वों का अत्यंत कुशलता से निर्वहन किया, जिससे सभी एजेंसियों के बीच समन्वय सुचारु बना रहा। इस अभ्यास ने एकीकृत कमान प्रणाली, संसाधन साझा करने की आवश्यकता और जमीनी स्तर पर प्रभावी संचार के महत्व को भी रेखांकित किया।
इस सफल अभ्यास ने सुरक्षा, संरक्षा और आपदा प्रबंधन के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को एक बार फिर सुदृढ़ किया है। इस मॉक ड्रिल से प्राप्त अनुभव भविष्य में आपातकालीन प्रतिक्रिया रणनीतियों को और बेहतर बनाने तथा एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करने में सहायक होंगे। परियोजना प्रबंधन ने सभी सहभागी एजेंसियों के सहयोग, समर्पण और सक्रिय सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
