
संजय कुंवर
चमोली : भारत – तिब्बत सीमा पुलिस लामबगड़ में स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दे रही विशेष कौशल प्रशिक्षण।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल 23वीं वाहिनी के सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत ज्योतिर्मठ प्रखंड की अलकनंदा घाटी के लामबगड़ खीरों ग्राम सभा में 9 दिवसीय वोकेशनल ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें आईटीबीपी की 23वीं बटालियन के मुख्य ट्रेनर इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मार्ग दर्शन में लामबगड़ क्षेत्र के 15 लोगों को जिनमें ट्रेडसमैन ट्रेनिंग के तहत इलेक्ट्रिशियन,प्लम्बर और कारपेंटर का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही उन्हें ट्रेनिंग के बाद वोकेशनल टूल किट भी कार्यदाई संस्था आईटीबीपी द्वारा प्रदान किया गया। ताकि प्रशिक्षितों को दैनिक जीवन सहित आजीविका संवर्धन के लिए इन टूल किट का उपयोग हो सके।
लामबगड़ ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान मीना चौहान ने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस 23वीं वाहिनी द्वारा लगाए गए इस वोकेशनल ट्रेड्समैन ट्रेनिंग कार्यक्रम से गांव के जरूरत मंद 15 लोगों को विभिन्न ट्रेड्स की ट्रेनिंग दी गई जो उन्हें आने वाले समय में स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने आईटीबीपी को इस तरह के स्वरोजगार आजीविका संवर्धन वाले ट्रेनिंग कार्यक्रम को आने वाले समय में भी इस सरहदी सीमांत क्षेत्र में आयोजित करने की बात कही।
इस ट्रेनिंग में बतौर प्रशिक्षु बिजेंद्र सिंह, विक्रम लाल, जगत सिंह, हरीश चौहान, मुकेश सिंह, केशव रावत, सतीश, कमल लाल आदि ने प्रतिभाग किया। वहीं अर्जुन चौहान, अभिषेक, पूरण सिंह, संजीत चौहान, नीरज आदि ने भी इस वोकेशनल ट्रेनिंग कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए अपना सहयोग ग्राम पंचायत लामबगड़ को दिया।
