चमोली : फूलों की घाटी में इस मानसून सीजन में पिछले वर्ष की तुलना में पहुंचे कम पर्यटक

Team PahadRaftar

संजय कुंवर 

चमोली : उत्तराखंड में मानसून सीजन का असर फूलों की घाटी पर भी पड़ा है। प्रदेश में आई आपदा और मौसम अलर्ट के चलते प्रकृति प्रेमियों ने घाटी की ओर कम संख्या में ही प्रवेश किया गया। जिसका सीधा असर पार्क प्रशासन की आय में गिरावट आई है।

उत्तराखंड के चमोली जिले के भ्यूंडार घाटी में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी में आपदा और मौसम अलर्ट के चलते प्रकृति प्रेमियों ने कम संख्या में रूख किया है। फूलों की घाटी समुद्रतल से लगभग 11,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। वर्षा सीजन जुलाई – अगस्त में फूलों की घाटी 500 से अधिक प्रजातियों के पुष्पों से सजी रहती है। इस दौरान देश – विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक फूलों की घाटी के दीदार को पहुंचते हैं। लेकिन जिस तरह से इस वर्ष मानसून सीजन में आसमान से आफत बरसी है। उससे प्रदेश में हर तरफ जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और चारधाम यात्रा के साथ ही तीर्थाटन व पर्यटन व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है।

फूलों की घाटी में इस वर्ष 23 सितंबर तक के आंकड़े देखा तो पर्यटकों की आमद में कमी आई है। हालांकि इस दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। लेकिन कुल राजस्व में भी इस बार पिछेल वर्ष की तुलना में पार्क प्रशासन को करीब 6 लाख रुपए से अधिक का राजस्व घाटा आया है। वैली ऑफ फ्लावर्स के एक जून से 23 सितंबर तक के आंकड़े को देखा जाय तो करीब 15,265 पर्यटकों की आमद दर्ज हुई है। जिसमें 14 हजार 876 भारतीय ओर 392 विदेशी पर्यटक दर्ज हैं और इन पर्यटकों से पार्क प्रशासन को कुल 3184300 रुपए की आय अर्जित हुई है।

वहीं अगर पिछले वर्ष 2024 को देखा जाए तो 23 सितंबर तक वर्ष 2024 में घाटी में कुल पर्यटकों की आमद 18, 641दर्ज हुई थी, जिसमें 18358 भारतीय पर्यटक और 283 विदेशी पर्यटक घाटी पहुंचे थे इनसे पार्क प्रशासन को करीब 3767350 रुपए की आय अर्जित हुई थी। इन आंकड़ों से साफ जाहिर हो रहा है कि इस वर्ष वैली ऑफ फ्लावर्स में भी राज्य के चमोली, रुद्रप्रयाग सहित अन्य जनपदों में हुई मानसूनी बारिश ओर अतिवृष्टि के कारण हुए सड़क बंद ओर मौसम के अलर्ट के चलते आवाजाही पर लगी रोक का असर घाटी में हुई पर्यटकों की कम आमद हुई है।

पिछले साल घाटी में इस वर्ष की तुलना में अबतक करीब 3300 पर्यटक अधिक आए थे और पार्क महकमे को भी इस दौरान 23 सितंबर 2024 तक (37 लाख 67 हजार 350 रुपए इस वर्ष से 6 लाख रुपए से ज्यादा का राजस्व हासिल हुआ था। हालांकि इस वर्ष अभी तक घाटी में पिछले वर्ष की अपेक्षा में 109 पर्यटक ज्यादा पहुंचे हैं।  वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज ऑफिसर चेतना काण्डपाल ने बताया कि घाटी 31 अक्टूबर तक प्रकृति प्रेमियों के लिए खुली है। इस बीच वैली में आजकल सुहावने मौसम के साथ पर्यटक वैली में प्राकृतिक सुन्दरता और जैव विविधता का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं।

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