बदरीनाथ : पंच पूजा के दूसरे दिन आदि केदारेश्वर और आदिगुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट हुए बंद

Team PahadRaftar

संजय कुंवर बदरीनाथ धाम 

बदरीनाथ धाम में आज पंच पूजा के दूसरे दिन आदि केदारेश्वर और आदि शंकराचार्य मंदिर के कपाट पूजा-अर्चना के साथ विधि-विधान से बंद हो गए हैं।

शीतकाल के लिए भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। पहले दिन श्रीगणेश जी के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हो गए हैं। वहीं शनिवार को दूसरे दिन भगवान बदरी विशाल के भोग आरती के बाद तप्तकुंड के पास आदि केदारेश्वर मंदिर में मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने भगवान आदि केदारेश्वर को पके चावलों का भोग अन्नकूट अर्पित किया। इस वैदिक प्रकिया में शिवलिंग को पके चावलों के भात से ढका गया।

इस अवसर पर रावल के साथ धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट सहित मंदिर के पुजारी आदि ने पूजा-अर्चना संपन्न की। इसके पश्चात भगवान आदि केदारेश्वर जी के शिवलिंग को निर्वाण रूप में लाकर पुष्प, भस्म आदि से ढका गया। अंत में केदारेश्वर मंदिर के पुजारी गणों द्वारा अपराह्न ठीक दो बजे श्री आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाद बंद किए गए। इसके बाद ठीक सवा दो बजे अपराह्न को विधि विधान पूर्वक आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के भी कपाट शीतकाल हेतु बंद किए गए।

बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि पंच पूजा के तीसरे दिन रविवार 23 नवंबर को विधि विधान से वेद पुस्तकों की पूजा-अर्चना के बाद पवित्र खड्ग -पुस्तक पूजा और वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जाएगा।

बदरी पुरी में उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। खुशनुमा मौसम के साथ सूर्यास्त के बाद धाम में कड़ाके की ठंड और शीतलहर चल रही है बाबजूद इसके धाम में श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा विश्वास के आगे ठंड ठिठुरन और शीतलहर का प्रकोप शून्य साबित हो रहा है। श्रद्धालु तन्मयता के साथ अगाध श्रद्धा भाव लेकर भगवान श्री बदरी विशाल जी के दर्शनों का पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

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