
सतोपंथ : उच्च हिमालई सतोपंथ स्वर्गारोहिणी आध्यात्मिक तीर्थाटन यात्रा बर्फबारी के बाद भी “सत्य पथ” श्रद्धालुओं से गुलजार

संजय कुंवर, सतोपंथ सरोवर/बदरीनाथ
भू-बैकुंठ नगरी श्री बदरीनाथ धाम में धार्मिक पर्यटन चरम पर होने के चलते श्रद्धालुओं की अपार भीड़ नजर आ रही है। ऐसे में श्रद्धालु आध्यात्मिक पर्यटन और तीर्थाटन के लिए बदरीनाथ धाम से 25 किलोमीटर आगे सत्य पथ पवित्र सतोपंथ सरोवर यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। चमोली जनपद के पर्यटन तीर्थाटन व्यवसाय से जुड़े हिमालयन जर्नी कंपनी के संचालक दिनेश बिष्ट ने बताया कि बदरीनाथ सतोपंथ सरोवर ताल की आध्यात्मिक यात्रा शुरू हो गई है। आजकल कुछ दिनों से लगातार चक्र तीर्थ क्षेत्र में ही रही बर्फबारी से कई तीर्थाटन दल आगे नहीं जा पाए है। लेकिन वो अपने पहले तीर्थाटन दल के साथ 15 हजार फीट से ऊंचे उच्च हिमालई पवित्र तिकोने सतोपंथ सरोवर यात्रा में बर्फबारी के बीच आस्था की पवित्र डुबकी लगाकर अपने दल के साथ ज्योतिर्मठ लौटे हैं। उन्होंने बताया कि यहां की आध्यामिक यात्रा के लिए बाकायदा स्थानीय पर्यटन कारोबारी के कॉर्डिनेशन में नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ से परमिट जारी होता है जिसके बाद ही यहां की यात्रा की जा सकती है।इस बार सत्य पथ सतोपंथ ताल तक के आध्यात्मिक पथारोहण यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को आजकल माता मूर्ति से आगे ग्लेशियर के दर्शन हो रहे है, जो सहस्त्र धारा चक्र तीर्थ पड़ाव तक जारी है,सतोपंथ ताल में पल पल मौसम बदल रहा है, बावजूद इसके तीर्थाटन ओर आध्यात्मिक पर्यटन करने आने वाले श्रद्धालुओं की यहां काफी भीड़ नजर आ रही है, हालांकि कई श्रद्धालु बर्फबारी और खराब मौसम के कारण सतोपंथ यात्रा के बीच के पड़ावों लक्ष्मी बन, सहस्त्र धारा, चक्र तीर्थ पड़ाव से से ही यात्रा रोक कर वापस भी लौट रहे हैं,बता दें कि इसी छेत्र में पांडव सतोपंथ स्वर्गारोहिणी मार्ग से होकर स्वर्ग की और गए थे इस दौरान वसुंधरा के समीप द्रौपदी ने प्राण त्यागे थे, इसी तरह सहस्त्र धारा, चक्र तीर्थ, के बाद अंत में सतोपंत सरोवर के पास महा बली भीम ने देह त्यागी थी वहीं युधिष्ठिर श शरीर स्वर्गारोहिणी मार्ग से स्वर्ग पहुंचे थे, मान्यता है कि सितम्बर माह की एकादशी पर्व पर यहां पवित्र सरोवर में त्रि देव ब्रह्मा, विष्णु, महेश सरोवर के तीन कोनों पर दिव्य स्नान के लिए आते हैं, तब इस सरोवर का जल अमृत मई हो जाता है।

