संजय कुंवर
बदरीनाथ / माणा : देश के प्रथम गांव माणा में भाद्रपद वामन द्वादशी पर्व पर भगवान बदरी विशाल माता मूर्ति से मिले, इस दौरान मां बेटे के भावुक मिलन देख श्रद्धालु की आंखें छलक उठी।

भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम – माणा में भ्रादपद वामन द्वादशी पर एकदिवसीय माता मूर्ति मेला धूमधाम से मनाया गया। इस उत्सव में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता मूर्ति की पूजा – अर्चना कर मनौती मांगी।
दरअसल परम्परा अनुसार प्रत्येक वर्ष भाद्रपद वामन द्वादशी पर भगवान बदरी विशाल जी बदरीनाथ धाम से तीन किमी आगे माणा गांव में माता मूर्ति के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आज ठीक दस बजे बदरीनाथ धाम से नारायण की उत्सव डोली रावल अमरनाथ नंबूदरी की अगुवाई में माणा गांव माता मूर्ति मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान बदरी विशाल के भजन – कीर्तन एवं जयकारों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हुए। यहां रावल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता मूर्ति की पूजा-अर्चना की। मां – बेटे के भावुक मिलन देख श्रद्धालु की आंखें भर आई । बदरी – केदार मंदिर समिति द्वारा माता मूर्ति के लिए राजभोग लगाया गया। देश के प्रथम गांव माणा की महिलाओं ने हाथों में जौ की हरियाली लेकर भगवान बदरी विशाल और माता मूर्ति को अर्पित की। पौंणा नृत्य कर सांस्कृतिक परंपराओं की याद दिलाई।

पूजा-अर्चना व दिन के भोग के बाद तीन बजे माता मूर्ति उत्सव संपन्न हुआ। माता मूर्ति मेला संपन्न होने के बाद तीन बजे भगवान बदरी विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गए। बीआरओ, आईटीबीपी और सेना ने माता मूर्ति मेले में भंडारा लगाया गया।
इस अवसर पर मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,धर्माधिकारी राधा कृष्ण थपलियाल, सहित बीकेटीसी के अधिकारी कार्मिक और सैकड़ों स्थानीय लोगों ओर मांणा घाटी के लोगों की उपस्थिति दर्ज रहे।

