संजय कुंवर
औली : विश्व हिम दिवस पर पर्यटन स्थल औली में न प्राकृतिक बर्फ और न ही कृत्रिम बर्फ दिखाई दी। पर्यटक धूल भरे सूखे स्लोप देख मायूस नजर आए।

शीतकालीन पर्यटन स्थली औली में आज वर्ल्ड स्नो डे मनाने पहुंचे पर्यटको और स्थानीय स्कूली बच्चों को बर्फबारी नहीं मिलने के कारण काफी मायूसी हाथ लगी है। विंटर डेस्टिनेशन औली में स्नो मेकिंग सिस्टम को बर्फ बनाने हेतु चलाने और आईस स्केटिंग रिंक को सुचारु करने की दो सूत्रीय मांगों को लेकर औली बचाओ मुहिम चला रहे स्थानीय पर्यटन हित धारकों और कारोबारियों का धरना-प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी है। इस दौरान मथुरा वृंदावन सहित स्थानीय युवाओं और बर्फानी खेलों के शौकीनों ने वर्ल्ड स्नो डे के अवसर पर औली धरना स्थल पर पहुंच कर औली बचाओ मुहिम में अपना समर्थन दिया और प्रदेश सरकार से जल्द दोनों पर्यटन आकर्षणों को जल्द शुरू कराने की गुहार लगाई है।

दरअसल इंटरनेशलन स्की फेडरेशन द्वारा देश दुनिया के उन सभी देशों में जहां बर्फ गिरती है वहां पर खासकर छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को बर्फ ओर बर्फानी खेलों के प्रति जागरूक करने के उद्वेश्य को लेकर प्रति वर्ष जनवरी माह के तीसरे सप्ताह के रविवार को ये एनुअल स्नो फेस्टिवल मनाया जाता है। FIS द्वारा ही विंटर डेस्टिनेशन औली को प्राथमिकता देते हुए पहला विश्व हिम दिवस 2012 की मेजबानी दी थी लेकिन आज वर्ल्ड स्नो डे का 14वा संस्करण मनाया जा रहा है लेकिन विंटर डेस्टिनेशन औली की दशा और दिशा जस की तश बनी हुई है, यहां न तो आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम काम कर रहा है और नहीं आइस स्केटिंग रिंक सुचारु हुई है। बर्फबारी नहीं होने से पूरे नन्दा देवी स्कीइंग स्लोप पर धूल मिट्टी और गोबर के ढेर नजर आ रहे हैं। वहीं जोशीमठ नगर क्षेत्र से औली विश्व हिम दिवस सेलिब्रेशन के लिए पहुंचे विद्यालई बच्चों को भी यहां निराशा हाथ लगी है।
