औली : सेव औली मूवमेंट का असर जोशीमठ औली रज्जू मार्ग के पूर्व निर्मित अवस्थापना का होगा संयुक्त निरीक्षण, शासन स्तर पर टेक्निकल कमेटी का हुआ गठन

संजय कुंवर, औली ज्योर्तिमठ
विंटर डेस्टिनेशन औली से अच्छी खबर, सेव औली मूवमेंट का हुआ जबरदस्त असर।
भू धंसाव आपदा के चलते बंद ज्योतिर्मठ औली रज्जु मार्ग का होगा तकनीकी निरीक्षण। शासन स्तर पर उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का हुआ गठन। अध्यक्ष सहित 5 सदस्यीय टेक्निकल कमेटी का हुआ गठन। एक सप्ताह में टेक्निकल कमेटी सौंपेगी रिपोर्ट शासन को।
जोशीमठ औली रज्जू मार्ग के पूर्व निर्मित अवस्थापना का होगा संयुक्त निरीक्षण, एम०डी GMVN द्वारा नामित होगा तकनीकी एक्सपर्ट समिति का अध्यक्ष। एक प्रतिनिधि(राजस्व ) सदस्य DM द्वारा नामित होगा।
मुख्य रज्जु मार्ग निरीक्षक ब्रिडकुल देहरादून से नामित एक प्रतिनिधि निदेशक अवस्थापना UTDC से एक नामित सदस्य जिला पर्यटन विकास अधिकारी चमोली सदस्य नामित। प्रबंध निदेशक m/s BARTOLET कंपनी से नामित सदस्य।
उपरोक्त 6 सदस्यीय टेक्निकल कमेटी की और से जनपद चमोली के अंतर्गत स्थापित जोशीमठ औली रज्जु मार्ग हेतु पूर्व निर्मित अवस्थापन सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए एक सप्ताह में सचिव उत्तराखंड पर्यटन को रिपोर्ट सौंपनी है।
बता दें कि एशिया की सबसे खूबसूरत लोकेशन को कवर करने वाले इस उड़न खटोले का संचालन भूधंसाव आपदा के चलते सुरक्षा की दृष्टि से 5जनवरी 2023 को अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया था। जिसके चलते गढ़वाल मंडल विकास निगम को भी भारी वित्तीय हानि हुई, साथ ही ज्योर्तिमठ औली में पर्यटकों को भी बिना रोपवे संचालन काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं औली बचाओ मुहिम के तहत क्षेत्र के पर्यटन हित धारक युवाओं हुए जबरदस्त जन आंदोलन का ही असर रहा की शासन स्तर पर रोप वे की जांच हेतु तकनीकी कमेटी गठित हुई है और सब कुछ ठीक रहा तो जल्द जोशीमठ औली रज्जू मार्ग का संचालन शुरू हो सकेगा।
