पहाड़ रफ्तार
औली : बढ़ती तपिश के चलते समय से पूर्व अपने वतन की उड़ान भरने लगे विंटर विजिटर प्रवासी पक्षी नॉर्दन पिन टेल। शीतकाल में औली झील और लामबगड़ बैराज क्षेत्र में दिखाई दी गई। 
उत्तराखंड में बढ़ते तापमान के कारण मौसम गर्म होने पर देहरादून आसन, झिलमिल साइट में शीतकालीन प्रवास पर आए शीतकालीन आगंतुक प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियों के पक्षी अपना प्रवास खत्म करते हुए अब अपने वतन के लिए उड़ान भरने लगे हैं। इस दौरान इन प्रवासी मेहमान पक्षी नॉर्दन पिनटेल के जोड़े को चमोली जनपद के औली कृत्रिम झील, अलकनंदा बैराज साईट लामबगड़ बदरीनाथ क्षेत्र में भी प्रेमालाप, जल बिहार करते हुए ऑब्जर्व किया गया।
बर्ड एक्सपर्ट संजय कुंवर ने बताया कि प्रवासी शीतकालीन मेहमान नॉर्दन पिन टेल पक्षी भी इन दिनों अपने समर डेस्टिनेशन को लौट रहे हैं। जो वतन वापसी के दौरान थोड़ा समय विश्राम हेतु चमोली जनपद की खूबसूरत औली झील सहित अलक नन्दा बैराज स्थल लामबगड़ में भी दिखाई दी। इससे पूर्व भी पिछले वर्ष मार्च माह और अक्तूबर माह में अपने वतन से शीतकालीन प्रवास के लिए उत्तराखंड क्षेत्र में आते समय भी कुछ विदेशी मेहमान पक्षी सुर्खाव सहित नॉर्दन पिन टेल पक्षी को इन्हीं साईट पर ऑब्जर्व किया जा चुका है।
गोविंद घाट क्षेत्र की रेंज अधिकारी चेतना काण्डपाल ने भी अपने साईट विजिट के दौरान इन्हें अलकनंदा बैराज स्थल लामबगड़ के समीप अपने कैमरे में कैद किया है।

दरअसल पहाड़ी इलाकों में हुई अच्छी बर्फबारी के चलते मौसम अनुकूल होने पर अब ये परिंदे अपना शीतकालीन प्रवास पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन बढ़ती गर्मी के कारण इस बार अप्रैल माह में वतन वापसी करने वाले ये मेहमान विदेशी परिंदे समय से पूर्व ही अपने मूल प्रवास स्थलों की ओर उड़ान भर रहे हैं, जो क्लाइमेट चेंज के नजरिए से कहीं न कहीं पक्षी जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चिंता का विषय भी है।
